बीजिंग/शिनजियांग। चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों पर निगरानी तेज हो गई है। अब उइगर भाषा के लोकगीत सुनना, मोबाइल में रखना या सोशल मीडिया पर शेयर करना भी जेल की सजा का कारण बन सकता है।

स्थानीय सरकार ने कई उइगर गीतों को “संदिग्ध” घोषित किया है। इनमें पीढ़ियों से शादियों, त्योहारों और पारिवारिक समारोहों में गाया जाने वाला मशहूर गीत ‘बेश पेड़े’ भी शामिल है। अधिकारियों का दावा है कि ये गाने “विभाजनकारी” हैं।

यह कदम उइगर संस्कृति पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चीन की इस नीति की निंदा की है। शिनजियांग में उइगरों पर पहले से ही कैंप, निगरानी और सांस्कृतिक दमन के आरोप लगते रहे हैं।

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