जेफरी एप्स्टीन के कुख्यात नेटवर्क से जुड़े एक ईमेल में सोनिया गांधी का नाम सामने आने से राजनीतिक हंगामा मच गया है। दावा है कि एप्स्टीन से संबद्ध संस्था को सोनिया चुनाव जीतने के नुस्खे बता रही थीं, जिससे उनके रिश्ते पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस जानकारी ने कांग्रेस को घेर लिया।

ईमेल का दावा

ईमेल में कथित तौर पर सोनिया गांधी एप्स्टीन नेटवर्क के लोगों को चुनावी रणनीति साझा करती नजर आ रही हैं। US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की वेबसाइट पर उपलब्ध बताए जा रहे इस दस्तावेज ने बहस छेड़ दी। सुब्रमण्यम स्वामी के पुराने खुलासों (1962-68) से जोड़कर इसे लंबे समय की साजिश करार दिया जा रहा।

कांग्रेस का दोहरा चरित्र?

कांग्रेस ने पहले मोदी का नाम एप्स्टीन से जोड़ने की कोशिश की थी, अब खुद सोनिया का नाम आने पर चुप्पी साध ली। आलोचक कहते हैं- ट्रेड डील-टैरिफ पर भटकाव की कोशिश होगी। जनता LIC स्लोगन की तुलना कर रही- “जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी” रिलेवेंट।

सोशल मीडिया पर हंगामा

  • यूजर्स: “एप्स्टीन फ्रैटरनिटी में सोनिया का कनेक्शन कब से?”
  • PS: प्रामाणिकता चेक के लिए US DOJ वेबसाइट देखें।
    कांग्रेस इकोसिस्टम अब ध्यान भटकाने पर उतरेगा, लेकिन सवाल बरकरार।

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