नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन दिनों अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। उनका विशेष विमान बीते रविवार शाम दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनकी अगवानी के लिए पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए एयरपोर्ट पर अपने “खास मेहमान और मित्र” का स्वागत किया।
लेकिन इस उच्च-स्तरीय मुलाकात के बीच एक अप्रत्याशित बात ने लोगों का ध्यान खींचा — पीएम मोदी जिस कार से पुतिन को रिसीव करने पहुंचे थे, वह उनकी या पुतिन की आधिकारिक गाड़ी नहीं थी। यह वाहन था टोयोटा की फॉर्च्युनर SUV।
क्यों चर्चा में आई पीएम मोदी की कार
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग यह जानना चाहते थे कि आखिर पीएम मोदी और पुतिन जैसी हस्तियों के लिए साधारण सी दिखने वाली यह फॉर्च्युनर कार क्यों चुनी गई। एयरपोर्ट से निकलते हुए दोनों नेता एक ही कार में बैठकर पीएम आवास की ओर रवाना हुए।
कार का नंबर MH01EN5795 बताया जा रहा है। यह महाराष्ट्र आरटीओ में रजिस्टर्ड है और 24 अप्रैल 2024 को पंजीकृत की गई थी। वाहन एक डीजल इंजन मॉडल है। जांच के दौरान वाहन रजिस्ट्रेशन डिटेल्स में मालिक का नाम एक अस्पष्ट पैटर्न में सामने आया — “AL CR * PE M**I”*। इस आधार पर माना जा रहा है कि यह कार मुंबई पुलिस के एडिशनल कमिश्नर के नाम पर दर्ज हो सकती है।
पीएम मोदी और पुतिन की आधिकारिक कारें
आम तौर पर प्रधानमंत्री मोदी Mercedes-Maybach S650 Guard Edition में सफर करते हैं। यह विशेष कार 2021 में उनके काफिले में शामिल की गई थी और BLAST-PROOF और BULLET-RESISTANT सुरक्षा से लैस है।
वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन Aurus Senat Limousine से चलते हैं, जो दुनिया की सबसे सुरक्षित राजकीय कारों में से एक मानी जाती है। यह वाहन मिसाइल हमले जैसे चरम स्थितियों को भी सहने की क्षमता रखता है।
तो फिर क्यों चुनी गई फॉर्च्युनर?
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय दौरों में कभी-कभी विकल्पिक वाहन व्यवस्था (alternate transport plan) रखा जाता है ताकि किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में सुरक्षा या प्रोटोकॉल बाधित न हो। संभव है कि यह कार सुरक्षा ट्रायल या अस्थायी रूटिंग प्लान के तहत उपयोग की गई हो।
हालांकि आधिकारिक तौर पर SPG या प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है।