हत्या का खुलासा
हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर इलाके में बाघनकी रोड पर मिली युवती की लाश के मामले में पुलिस ने इसे ऑनर किलिंग करार दिया है। जांच में सामने आया कि 19 साल की सुशीला की हत्या उसके सगे भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की।
पोस्टमार्टम और जांच में स्पष्ट हुआ कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई और बाद में शव को घसीटते हुए ईंटों के मलबे में फेंका गया।
घटनास्थल और पुलिस की शुरुआती जांच
13 दिसंबर को पंचगांव से पाड़ा रोड पर ग्वालियर गांव के पास एक खंडहरनुमा ईंट और टीन की झुग्गी में लड़की का शव मिला था। उसके गले पर गला घोंटने के निशान थे और दाहिनी कलाई पर ‘गुड़िया’ लिखा हुआ था, जिससे पुलिस ने पहचान आगे बढ़ाई।
शव को घसीटने के कारण उसकी पजामी उतर गई थी, लेकिन पुलिस ने साफ किया कि उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ या रेप नहीं हुआ था।
मृतका, रिश्ते और ऑनर किलिंग की वजह
मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा जिले के बाबसा गांव की रहने वाली 19 वर्षीय सुशीला के रूप में हुई। वह मानेसर के रामपुरा चौक के पास किराए के मकान में अपने भाई और भाभी के साथ रह रही थी।
पुलिस के अनुसार सुशीला एक मुस्लिम युवक से शादी करना चाहती थी और अपनी मर्जी से घर से निकल आई थी, जिससे उसका भाई नाराज था और इसी को हत्या की वजह माना जा रहा है।
साजिश कैसे रची गई?
जब भाई रविंद्र को पता चला कि सुशीला एक मुस्लिम लड़के से शादी करना चाहती है, तो वह उसे गुरुग्राम से उनके पैतृक गांव बाबसा ले गया। 1 दिसंबर को सुशीला गांव से भागकर दोबारा गुरुग्राम लौट आई और वहीं रहने लगी।
9 दिसंबर को जब रविंद्र ने उसे दोबारा गांव चलने को कहा और वह नहीं मानी तो उसने अपने दोस्त पुष्पेंद्र से बात कर बहन को मारने की साजिश रची।
हत्या की पूरी वारदात
10 दिसंबर को पुष्पेंद्र ने सुशीला को झांसा दिया कि वह उसकी शादी उसके प्रेमी से करा देगा और उसे रामपुरा चौक से बाइक पर बैठाकर पंचगांव रोड पर ग्वालियर गांव के पास खंडहरों की ओर ले गया।
वहीं सुनसान जगह पर उसने सुशीला की ही चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी, इसके बाद फोन कर रविंद्र को बुलाया और दोनों ने मिलकर उसका शव पास के मलबे में फेंक दिया।
झूठा ‘मुंहबोला भाई’ और छिपा रिश्ता
पुलिस की जांच में पता चला कि मानेसर में रहते हुए सुशीला की पहचान पड़ोस में रहने वाले एटा के एक युवक से हुई थी। वह उसे समाज की नजरों से बचाने के लिए अपना मुंहबोला भाई और राखी भाई बताती थी।
धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए, वे फोन पर बात करते और छिपकर मिलते थे, और जब यह बात रविंद्र को पता चली तो उसने इसे परिवार और इज्जत से जोड़कर खौफनाक कदम उठाया।