उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के हलियापुर थाने के अंतर्गत स्थित टोल प्लाजा पर लगे एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के मैनेजर पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उसने सीसीटीवी कैमरों से यात्रियों के निजी पलों के वीडियो फुटेज निकालकर उन्हें ब्लैकमेल किया और फिर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।

सिस्टम की गोपनीयता पर सवाल

इस मामले के खुलासे के बाद सिस्टम की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लगाए गए इस हाईटेक सिस्टम के जरिए वाहनों की निगरानी की जाती है। इसकी देखरेख के लिए तीन कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें से मैनेजर आशुतोष सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

निजी वीडियो से वसूली का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आशुतोष सरकार उन गाड़ियों के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करता था, जिनमें कुछ यात्री निजी पल बिता रहे होते थे। बाद में वह इन फुटेज को आधार बनाकर यात्रियों को ब्लैकमेल करता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था। आरोप है कि कई लोग बदनामी के डर से पैसे देने को मजबूर हुए। वसूली के बाद भी कुछ वीडियो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए गए।

महिलाओं को भी बनाया निशाना

मामले में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने एक्सप्रेसवे के आसपास के गांवों की महिलाओं और लड़कियों को भी निशाना बनाया। जब वे बाहर शौच आदि के लिए जाती थीं, तो उनके वीडियो को भी रिकॉर्ड कर वायरल करने का प्रयास किया गया। इस आरोप ने स्थानीय लोगों में भारी रोष और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत

इस पूरे मामले की शिकायत 2 दिसंबर को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी गई है। पत्र में आरोपी मैनेजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि शिकायत पत्र और एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

जांच की मांग तेज

मामले के गंभीर स्वरूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों का दुरुपयोग इस तरह से हो सकता है, तो यात्रियों की गोपनीयता और सुरक्षा का क्या होगा।

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